नजदीकियाँ इतनी थी ,
की सब जला करते थे ,
कुछ बात पे खफा हो गए ,
मगर वो हमें आजमाते रहे ,
हम उन्हें ,
गलतफहमियाँ बढती रही ,
अहसास जब हुआ ,
तब दूरियाँ बढ़ चुकी थी !
अर्चना
9/01/2016
की सब जला करते थे ,
कुछ बात पे खफा हो गए ,
मगर वो हमें आजमाते रहे ,
हम उन्हें ,
गलतफहमियाँ बढती रही ,
अहसास जब हुआ ,
तब दूरियाँ बढ़ चुकी थी !
अर्चना
9/01/2016
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